Ayurvigyan with Dr.Swastik

स्वास्थ्य संबंधी विषयों को सरल भाषा में अवगत कराने और निःशुल्क परामर्श के लिए लोगों की भारी मांग पर इस कॉलम में डॉ. स्वास्तिक अब अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर निरंतर आपसे चर्चा करते रहेंगे.

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सर्दी का मौसम : ये आयुष उपचार अपनाएं

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मित्रों पिछले लेख में हमने सर्दियों में होने वाली परेशानियों के कारण व बचाव के तरीकों पर चर्चा की थी। उसी क्रम में आज हम सर्दियों में होने वाली समस्याओं के बहुत ही सरल समाधानों पर चर्चा करेंगे। सर्दी में होने वाली सबसे आम समस्या है जुकाम, जिसे लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं। यह छोटी सी दिखने वाली परेशानी भी नज़रंदाज़ करने पर घातक हो सकती है इसलिए इसे अनदेखा तो बिलकुल भी न करें।

Ayurvedic Treatment in Winterजुकाम क्या है-

जुकाम एक तरह की एलर्जी है, जिसमें नाक से पानी निकलने लगता है। ये कोई बीमारी नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र में एलर्जी या इन्फेक्शन होने का एक लक्षण है जो यदि लम्बे समय तक बना रहे तो निमोनिया और श्वसन तन्त्र से जुड़ी दूसरी बीमारियों को दर्शाता है।

हाई रिस्क ग्रुप -

बच्चे, बूढ़े, शुगर, हाई बीपी, टीबी, दमा, हेपटाइटिस व एनीमिया के मरीज, कुपोषण के रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है व जिनमें एलर्जी की टेंडेंसी हो उन्हें जुकाम जल्दी होता है।

जुकाम के लक्षणों को ऐसे पहचानें-

1. यदि नाक से निकलने वाला पानी पतला और सफेद हो तो समझें कि सामान्य जुकाम है। फिक्र की जरूरत नहीं है।

2. अगर पानी गाढ़ा हो तो समझें कि इन्फेक्शन ज्यादा हो गया है। तुरंत ही अपने डॉक्टर को दिखाएं।

3. नाक बंद हो तो वायरल व बैक्टीरियल दोनों तरह के इन्फेक्शन हो सकते हैं। वायरल इन्फेक्शन है तो स्टीम और एंटी-एलर्जिक दवा से ठीक हो जाएगा, नहीं तो आयुष इलाज या एंटीबायोटिक्स लेनी होंगी।

4. अगर स्राव हरा रेशेदार हो, तो इन्फेक्शन है। समझें कि बात बढ़ रही है और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

5. अगर कफ के साथ खून भी आए तो खतरनाक है। टीबी का लक्षण हो सकता है। फौरन डॉक्टर को दिखाएं।

जुकाम के कुछ सामान्य उपचार-

समस्या-

हल्का सर्दी जुकाम हो तो क्या करें ?

उपचार-

1. दो कप पानी में एक चौथाई छोटी चम्मच सोंठ, दस तुलसी की पत्तिया, पांच छोटी पीपल और थोडा सा गुड़ मिलाकर खौला लें। जब यह अच्छी तरह खौल जाये तो चाय की तरह घूंट-घूंटकर पीने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है।

2. अपने भोजन में अदरक का प्रयोग अधिक करें। चाय, सब्जी, दाल, सलाद आदि में अदरक को लेते रहने से जुकाम की परेशानी से बचा जा सकता है।

3. विटामिन-सी के प्रयोग से जुकाम को काबू में रखा जा सकता है। अत: अपने भोजन में नींबू का प्रयोग ज़रूर करें।

समस्या-

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कोई आसान उपाय बताएं ?

उपचार-

1. सुबह उठकर बिना कुछ खाए पांच लहसुन की कलियों को खाने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

2. अजवाइन के बीजों को कुचलकर एक पतले साफ सूती कपडे में बांधकर सोने से पहले सूंघते रहने से काफी लाभ पहुंचता है।

3. एक कप दूध में दो कप पानी मिलाकर इसमें दस कालीमिर्च, और दस तुलसी के पत्तियों को मिलाकर खौला लें। हल्का गुनगुना पीने से जुकाम ख़ास तौर से वायरल इन्फेक्शन वाले जुखाम में लाभ होता है।

4. एक चम्मच शहद में थोड़ी सी पीसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर मिलाएं और उसे चाटें।

5. तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी में सबसे बढि़या रहती हैं।

समस्या-

बार बार नाक बंद हो जाती है ;क्या करा जाय ?

उपचार-

रात में सोते समय दोनों नाक में दो-दो बूंद सरसों का तेल पांच दिनों तक लगातार डालें तो खांसी-सर्दी और सांस की बीमारियां दूर हो जाएंगी। सर्दियों में नाक बंद हो जाने के दुख से मुक्ति मिलेगी और शरीर में हल्कापन मालूम होगा।

समस्या-

बार बार होने वाली खांसी में क्या करूं ?

उपचार-

मुलहठी और मिश्री को नींबू के रस में मिलाकर लेने से खांसी कम करने में मदद मिलती है।

पिप्पली , काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर चौथाई चम्मच शहद के साथ लेना अच्छा रहता है।

समस्या-

पुराने जुखाम के कारण सिरदर्द रहता है क्या करें ?

उपचार-

एक बड़ी चम्मच काली मिर्च का चूर्ण एक चुटकी हल्दी के साथ एक प्याले दूध में उबालें। दो तीन दिन तक लगातार इसका सेवन करते रहें। माइग्रेन के दर्द में आराम मिलेगा।

समस्या-

मेरा गला अक्सर ही बैठ जाता है कोई आसान इलाज बताएं?

उपचार-

गला बैठ जाने वाले रोगियों को हम मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने की सलाह देते हैं। इससे बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। इसके अलावा सोते समय एक ग्राम मुलेठी के 2 gm चूर्ण को मुंह में रखकर चबाते रहें ; फिर वैसे ही मुंह में रखकर सो जाएं। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। गले के दर्द और सूजन में भी आराम आ जाता है।

समस्या-

मुझे टांसिल्स हो जाते है क्या आयुर्वेद में आसान इलाज है ?

उपचार-

एक प्याला (200 ml) दूध में 2 ग्राम पिसी हल्दी मिलाकर उबालें; और छानकर चीनी मिलाकर पीने को दें। आमतौर पर अधिकांश रोगियों में सोते समय इसे पीने पर तीन चार दिन में ही आराम मिल जाता है।

समस्या-

पुरानी खांसी रहती है कोई इलाज बताइये ?

उपचार-

एक चम्मच अनार की सूखी छाल बारीक पीसकर, छानकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलायें। यह पाउडर दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से पुरानी खांसी में आराम होता है।

समस्या-

सूखी खांसी से परेशान हूं क्या करूं ?

उपचार-

1. 1 ग्राम हल्दी के पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाकर लेने से भी सूखी खांसी में आराम हो जाता  है।

2. सूखी खांसी के लिए आने वाले रोगियों को हम छोटे से अदरक के टुकड़े को छीलकर और उस पर थोड़ा सा नमक छिड़क कर चूसने की सलाह देते हैं।

3. नींबू के रस में 2 चम्मच ग्लिसरीन और 2 चम्मच शहद मिलाकर मिश्रण बना लें और रोजाना इस मिश्रण का 1 चम्मच सेवन करने से सूखी खांसी से काफी राहत मिलेगी।

समस्या-

बैक्टीरियल इन्फेक्शन वाली खांसी डायग्नोज़ हुई है; कोई आसान इलाज बताएं -

उपचार-

जो खांसी टी.बी., अस्थमा और ब्रौन्काइटिस के कारण उत्पन्न होती है उसमें हम लौंग का तेल, अदरक और लहसुन का मिश्रण हर रात को सोने से पहले लेने की सलाह देते हैं।

समस्या-

मेरे सीने में बलगम जमा हो गया है कोई आसान इलाज बताएं-

उपचार-

1. सीने में बलगम के जमाव को निकालने के लिए अंजीर बहुत ही उपयोगी होते हैं।

2. अदरक को पानी में 10-15 मिनट के लिए उबाल लें और उसमें एक दो चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में तीन चार बार पीयें। ऐसा करने से आपका बलगम बाहर निकलता रहेगा और आपको खांसी में लाभ पहुंचेगा।

खान पान और आहार-

1. ऐसे रोगियों में हम रोजाना के खान पान में ठंडे भोजन के सेवन से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे आपके गले की उत्तेजना और अधिक उग्र हो सकती है।

2. किसी भी तरल पदार्थ को पीने से पहले उसे गर्म ज़रूर करें।

3. खान पान में पुराने चावल का प्रयोग करना भी लाभदायक होता है ऐसा हमारा अनुभव है।

4. ऐसे खान-पान का सेवन बिलकुल ना करें जिससे शरीर को ठंडक पहुंचे। खीरे, हरे केले, तरबूज, पपीता और संतरों के सेवन को थोड़े दिनों के लिए त्याग दें।

ऐसा करें-

1. सुबह ब्रश करते समय अंगूठे से अपने तालू को हल्का सा दबाएं। यह क्रिया बैठकर करें। तालू को हाथ के अंगूठे से साफ करें।

2. जिन लोगों को एलर्जी से जुकाम हो जाता हो तो पुरानी चीजें जैसे पुरानी किताबें, अलमारियां, काफी समय से न पहने गए कपड़े और कालीन साफ करके रखें। इनमें बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं जो कि आपको खांसी भी कर सकते हैं।

3. पानी घूंट-घूंट करके पीएं। इससे कफ नहीं बढ़ता।

4. जुकाम व फ्लू का इंफेक्शन होने पर घर में कपूर और गुग्गुलु जलाएं। इसके धुएं से घर का वातावरण शुद्ध होता है और वायरस दूर हो जाता है।

यह ना करें-

1. सुबह के समय बिस्तर से उठकर नंगे पैर ना चलें।

2. जाड़ों में ठंडी चीजें जैसे दही, चावल, ठंडा पानी, आइसक्रीम, केला, चॉकलेट और ठंडा दूध अधिक नहीं लें। फ्रिज में रखी चीजें व ज्यादा मीठा न लें।

योग चिकित्सा-

किसी अच्छे योग चिकित्सक या प्रशिक्षक से निम्न क्रियाएं सीख लें-

जलनेति, कपालभाति, सूर्य नमस्कार, उत्तानपादासन, धनुरासन व भस्त्रिका प्राणायाम, लेटकर साइकल चलाने की क्रिया रोज़ करें।

जनहित में यह जानकारी शेयर करें

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥

डॉ.स्वास्तिक

चिकित्सा अधिकारी

(आयुष विभाग, उत्तराखंड शासन)

(ये सूचना सिर्फ आपके ज्ञानवर्धन हेतु है. किसी भी गंभीर रोग से पीड़ित होने पर चिकित्सक के परामर्श के बाद अथवा लेखक के परामर्श के बाद ही कोई दवा लें. लेखक से drswastikjain@hotmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.)



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